What is malware, virus kya hai, virus in hindi
Malware kya hai 

Malware क्या होता हैं और कैसे काम करता हैं और malware या वायरस कितने प्रकार के होते हैं और आप इनसे कैसे बच सकते है अगर आपके मन मैन भी यही सबाल उठ रहे हैं तो आप आज के इस पोस्ट को जरूर पढ़िए क्योंकि इसे पढ़ने के बढ़ आपको आपके मन में उठ रहे सबलों का जबाब मिल जाएगा |

आपने malware शब्द को कभी ना कभी तो सुना होगा और इसके बढ़ आपके मन में इसके बारे में जानने कि उत्सुकता बड़ी होंगी इसीलिए आप यह पोस्ट पढ़ रहे हैं, malware या वायरस दोनों एक ही हैं चलिए malware के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं |

What is malware? 

Malware एक तरह का मालिसियस कोड होता हैं मालिसियस से हमारा अभिप्राय हैं कि किसी कुछ प्रोग्रामर अपने फायदे के लिए और दूसरे को नुकसान पहुंचाने के लिए, जैसे कि उनकी बैंक डिटेल्स को चुराने और computer के data को चुराने के लिए कुछ खाश किश्म कि प्रोग्रामिंग करते है जिससे कि किसी भी सिस्टम को क्रैश या उसके data को चोरी किया जा सके |

Malware एक तरह का मालिसियस प्रोग्रामिंग का code होता हैं जो कि हमारे कंप्यूटर को नुकसान पहुंचाने और हमारे जानकारी कि जोरी करने करने के बनाया जाता हैं |

Malware या virus काम कैसे करता हैं? 

चलिए malware या virus कि कार्यविधि को एक उदाहरण के जरिये समझते हैं कि virus या malware कैसे काम करता हैं -

जैसा कि मैंने आपको पहले ही बताया हैं कि malware या वायरस एक मालिसियस code of programming होता हैं उसी मालिसियस code को किसी भी सॉफ्टवेयर में code कर दिया जाता हैं

जब आप इस तरह के सॉफ्टवेयर को अपने सिस्टम में इनस्टॉल करते हैं तब यह virus self activate हो जाते हैं इसके बाद यह अपना काम start कर देते हैं जैसे कि आपके सिस्टम कि जरुरी फाइल्स को डिस्ट्रॉय करना और आपके data को अपने data बेस पर ट्रांसफर करना और आपके browsing data को स्टील करने के बाद यूज़ एडवरटाइजिंग compnies को sell करना या फिर कभी कभी इस तरह के सॉफ्टवेयर आपकी फ़ाइल कि इतनी copy बना देते हैं जिससे आपके सिस्टम कि ram और मेमोरी को फुल कर देते हैं

इसके फलस्वरूप आपका सिस्टम क्रैश हो जाता हैं अब आपके मन में एक सबाल जरूर उठ रहा होगा, जैसे कि यह सॉफ्टवेयर हमारे सिस्टम में मैं आते कहा से हैं और इसके भेजनें के पीछे का उदेश्य क्या होता हैं |

क्योंकि लोगो को आदत हैं कि वह crack सॉफ्टवेयर को इंटरनेट से डाउनलोड कर उसको उपयोग करने कि, परन्तु क्या अपने कभी सोचा हैं कि यह third पार्टी sites आपको यह crack सॉफ्टवेयर फ्री में क्यों देते हैं

उसके पीछे के कई reasons हो सकते हैं परन्तु कुछ मुख्य कारण निम्नलिखित लिखित हैं

पहला - वह उस crack सॉफ्टवेयर में अपना मैलवेयर या virus को import कर देते हैं और आपके कंप्यूटर से data कि stealing करते हैं और आपके कंप्यूटर के data को एडवरटाइजिंग कम्पनीज को sell करते हैं 

दूसरा - कुछ सॉफ्टवेयर developer इस तरह के crack सॉफ्टवेयर में अपने ads को place कर देते हैं जिससे आपके कंप्यूटर में ads आना start हो जाते हैं | और इस तरह वह पैसे कमाते हैं |

मैलवेयर या वायरस कितने प्रकार के होते हैं? 

मैलवेयर या वायरस कई तरह के होते है परन्तु नीचे कुछ फेमस और पॉपुलर वायरस के नाम दिए गए हैं | वायरस निम्नलिखित प्रकार के होते हैं |
  1. वायरस 
  2. Spyware 
  3. Ransomeware 
  4. Trojan 
  5. Worms
  6. Adsware

मैलवेयर या वायरस से कैसे बचें |

मैलवेयर से बचने के लिए आप निम्नलिखित उपाय को अपना सकते हैं |
  • कभी भी किसी वेबसाइट से crack सॉफ्टवेयर को डाउनलोड ना करें |
  • किसी भी unknown email के साथ आए अटैचमेंट को डाउनलोड ना करें क्योंकि isme मैलवेयर भी हो सकता हैं 
  • अपने सिस्टम में एक एंटीवायरस का उओयोग जरुरत करें |

Conclusion - मुझे उम्मीद हैं कि आपको यह पोस्ट जरूर पसंद आई होंगी अगर आपको आज के इस पोस्ट में दी गई जानकारी पसंद आई हो, तो इसे शेयर जरूर करें और कमेंट कर जरूर बताए कि आपको यह पोस्ट कैसा लगा |

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